Bir sonraki

पटना -कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में टिकाऊ कृषि व पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

18 Görünümler· 22/01/26
Margdarshak News
Margdarshak News
18 Aboneler
18

⁣कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में टिकाऊ कृषि व पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
पटना, 22 जनवरी।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में गुरुवार को “पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ कृषि एवं जलवायु परिवर्तन” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान अकादमी, नई दिल्ली तथा अटारी, पटना के सहयोग से किया गया है।
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. इंद्रजीत सिंह, कुलपति, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना ने किया। इस अवसर पर डॉ. अंजनी कुमार, निदेशक, अटारी, पटना एवं डॉ. बिकास दास, निदेशक, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अभय कुमार, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा स्वागत भाषण से हुई।
अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि रसायनों एवं एंटीबायोटिक्स के अत्यधिक उपयोग और पर्यावरण की उपेक्षा से पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है, जिसका सीधा असर कृषि और मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने प्राकृतिक खेती, समेकित कृषि प्रणाली तथा पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
सम्मेलन के अध्यक्ष एवं आईसीएआर पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने बताया कि टिकाऊ कृषि के लिए जलवायु-सहिष्णु फसल किस्मों, प्राकृतिक खेती, स्मार्ट जल प्रबंधन एवं संरक्षण कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्य वक्ता डॉ. अरुण कुमार, महावीर कैंसर संस्थान, पटना ने बिहार में भारी धातु प्रदूषण और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर चिंता जताई। वहीं डॉ. अंजनी कुमार ने बदलती जलवायु में किसानों के सामने आ रही चुनौतियों पर प्रकाश डाला। डॉ. बिकास दास ने मृदा जैविक कार्बन में हो रही कमी को कृषि के लिए गंभीर चुनौती बताया।
इस अवसर पर किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को लेकर विशेष तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन एवं प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े तकनीकी सत्रों में देशभर से आए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान अकादमी के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया तथा नवोन्मेषी किसानों को भी पुरस्कृत किया गया। साथ ही सम्मेलन की स्मारिका एवं सार पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा टम्टा ने किया, जबकि समन्वय डॉ. रचना दुबे एवं डॉ. सौरभ कुमार द्वारा किया गया।

Daha fazla göster

 0 Yorumlar sort   Göre sırala


Bir sonraki