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प्रेस विज्ञप्ति
अररिया, 31 जनवरी 2026
जिलाधिकारी ने विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित करने दिए गए निर्देश
जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन एवं पुलिस अधीक्षक अररिया श्री जितेन्द्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में डीआरसीसी अररिया से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से विधि-व्यवस्था से संबंधित मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के भू-समाधान पोर्टल पर लंबित मामलों, लोक-भूअतिक्रमण, उत्पाद विभाग के कार्यों, थाना एवं ओपी में सीसीटीवी कैमरों के अधिष्ठापन, नीलाम पत्र से संबंधित मामलों, शस्त्र सत्यापन सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी अंचलाधिकारी को प्रत्येक माह में कम से कम 05 लोक-भूअतिक्रमण के मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन से जुड़े मामलों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, फारबिसगंज सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष, नगर निकायों के पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रखंडस्तरीय पदाधिकारी अपने-अपने अनुमंडल एवं प्रखंड मुख्यालय से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में भौतिक रूप से अपर समाहर्ता अररिया श्री अनिल कुमार झा, प्रभारी पदाधिकारी शस्त्र प्रशाखा, जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
02 से 06 फरवरी 2026 तक फार्मर रजिस्ट्री को लेकर चलेगा विशेष महाअभियान
जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागर में शुक्रवार को आगामी 02 फरवरी से 06 फरवरी 2026 तक फार्मर रजिस्ट्री के विशेष महाअभियान की सफलता को लेकर संबंधित पदाधिकारी के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। साथ ही बैठक में अररिया जिला में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा शेष किसानों का पंजीकरण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि अररिया जिले के सभी किसान बंधुओं के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में सरकार द्वारा संचालित सभी कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ प्राप्त हो सके। जिले में अबतक कुल 1,08,731 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री किया जा चुका है।
अररिया जिले के सभी किसानों का फार्मर रजिस्ट्री सुगमता से हो सके। इस हेतु दिनांक 02.02.2026 से 06.02.2026 तक महाअभियान चलाया जायेगा। इस महाअभियान में प्रत्येक प्रखण्ड में फार्मर रजिस्ट्री हेतु 85 दल गठित की गई है, जो जिले के प्रत्येक वार्ड में जायेगी। इस प्रकार जिले में प्रत्येक दिन 765 वार्ड में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य सम्पन्न करते हुए दिनांक 06.02.2026 तक योग्य किसानों का शत प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कार्य किया जा सकेगा। इसकी पूर्व सूचना संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा संबंधित वार्ड के किसानों को दी जा रही है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को पूर्व सूचना देकर उन्हंे वार्ड में निर्धारित तिथि को उपस्थित रहने के लिए प्रेरित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि जमीन से संबंधित दस्तावेजों में त्रुटि के कारण यदि किसी किसान की फार्मर रजिस्ट्री में कठिनाई आ रही हो, तो उसके त्वरित सुधार के लिए परिमार्जन हेतु ऑनलाइन आवेदन कराया जाए। ऐसे आवेदनों का निराकरण संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए, तदोपरांत किसान द्वारा फार्मर रजिस्ट्री कराया जा सकें।
सभी किसान बन्धुओं से आग्रह है कि जिस दिन आपके वार्ड में फार्मर रजिस्ट्री की दल पहुँचे, अपने वार्ड में उपस्थित रहें और अपना-अपना फार्मर रजिस्ट्री करा लें।
प्रेस विज्ञप्ति
अररिया, 31 जनवरी 2026
जिलाधिकारी द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु दिए गए निर्देश
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त आयोजन को लेकर जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन एवं पुलिस अधीक्षक अररिया श्री जितेन्द्र कुमार की संयुक्त में अध्यक्षता डीआरसीसी भवन अररिया में सभी केंद्राधीक्षक, स्टैटिक दंडाधिकारी, गश्तीदल दंडाधिकारी, उड़नदस्ता दल, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं परीक्षा से सम्बद्ध सभी पदाधिकारियों के साथ ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी मार्गदर्षिका अनुरूप परीक्षा कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराना सुनिष्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी। परीक्षा संचालन से जुड़े प्रत्येक पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण जवाबदेही और सतर्कता के साथ करें। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी, प्रवेश द्वार पर कड़ी जांच तथा केंद्र के अंदर सतत पर्यवेक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्टेटिक दंडाधिकारी को निर्देश दिया गया कि परीक्षा केन्द्र पर केवल परीक्षार्थियों को ही परीक्षा केन्द्र के मुख्य द्वार पर उनके प्रवेश पत्र एवं एक फोटोयुक्त पहचान पत्र को दखेकर अन्दर जाने अनुमति देंगे। परीक्षा केन्द्र में प्रवेश कराने से पूर्व सभी परीक्षार्थियों का संघन फ्रिस्किंग सुनिश्चित की जायेगी। महिला परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग हेतु महिला वीक्षक की प्रतिनियिुक्त करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में बताया गया इंटरमीडिएट परीक्षा अररिया जिला के कुल 44 परीक्षा केंद्रों पर दिनांक 02 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 13 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित होगी। जिसमें अररिया अनुमंडल में 23 एवं फारबिसगंज अनुमंडल में 21 परीक्षा केंद्र शामिल हैं। प्रथम पाली की परीक्षा 9ः30 पूर्वाह्न से 12ः45 अपराह्न तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा 2ः00 अपराह्न से 5ः15 अपराह्न तक निर्धारित है। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा। साथ ही परीक्षा केंद्र में जूता-मोजा पहनकर प्रवेश वर्जित किया गया है। परीक्षा केंद्रों के आसपास बी0एन0एस0एस0 की धारा 163 लागू रहेगी।
इंटरमीडिएट परीक्षा अवधि के दौरान उद्योग भवन अररिया में दूरभाष संख्या 06453-222309 पर जिला नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहेगा। इसके प्रभार में अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अररिया रहेंगे। वहीं परीक्षा के वरीय प्रभार में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, अररिया श्री नवनील कुमार रहेंगे। बैठक में संबंधित पदाधिकारी गण उपपस्थित थे।
ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण हेतु समन्वय बैठक व सितारा योजना उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित
ट्रांसजेंडर समुदाय के व्यक्तियों के कल्याणार्थ एवं उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने हेतु समन्वय बैठक तथा सितारा योजना संबंधी उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन समाज कल्याण विभाग अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया के तत्वावधान में जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन के निर्देशानुसार किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई अररिया श्री शंभू कुमार रजक, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया श्री अभय श्रीवास्तव, विशेषज्ञ रेशमा प्रसाद, चिकित्सक डॉक्टर जितेंद्र कुमार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस श्रीमती कविता कुमारी एवं उपस्थित सभी हितधारकों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वालित कर किया।
कार्यक्रम के स्वागत संबोधन में सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई अररिया श्री शंभू कुमार रजक ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आग्रह किया कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ट्रांसजेंडर समुदाय को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया के सचिव श्री रोहित श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा है। इन्हें समाज से अलग नहीं, बल्कि साथ जोड़कर आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कानूनी अधिकारों, संरक्षण एवं जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि अधिकारों की जानकारी से ही सामाजिक समावेशन संभव है।
कार्यक्रम की मुख्य वक्त विशेषज्ञ रेशमा प्रसाद ने लिंग की परिभाषा को विस्तार पूर्वक समझाते हुए कहा कि जेंडर एक प्रकार से परफॉर्मेंस है, जो किस प्रकार परफॉर्म करता है यह उस पर निर्भर करता हैऔर प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पहचान स्वीकार करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसी की पहचान अपराध नहीं है, बल्कि उसकी अस्मिता है। “मेरी पहचान मेरा जेंडर है”—इस विचार के साथ उन्होंने समाज से अपील की कि ट्रांसजेंडर समुदाय को सम्मान, अवसर और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए, ताकि वे आत्मसम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि 'सितारा' योजना विशेष रूप से ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण, सामाजिक एकीकरण, पुनर्वास और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक बनाया गया है। इस योजना के तहत, जिलेवार कमिटी गठित की गई है जो पहचान पत्र जारी करने, समुदाय को जागरूकता करने और कानूनी सहायता के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय की चुनौतियों का समाधान करने का काम करती हैं। उन्होंने अपने संबोधन में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की समस्याएं, सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास एवं माननीय न्यायालय के आदेश संबंधी विशेष जानकारी एवं अपना अनुभव भी साझा किए।
इससे पूर्व उपस्थित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से ट्रांसजेंडर समुदाय के उपस्थित सभी व्यक्तियों को शॉल एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं कानूनी सशक्तिकरण को लेकर सकारात्मक संवाद स्थापित हुआ। बैठक में महाप्रबंधक उद्योग केंद्र अररिया सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी एवं किन्नर समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।
ऑन-फार्म जल प्रबंधन प्रशिक्षण से किसानों को मिली वैज्ञानिक खेती की नई दिशा
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद–पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के भूमि एवं जल प्रबंधन प्रभाग द्वारा आत्मा, समस्तीपुर के प्रायोजन से आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम “भूमि एवं जल उत्पादकता बढ़ाने हेतु ऑन-फार्म जल प्रबंधन रणनीतियाँ” का सफलतापूर्वक समापन 30 जनवरी 2026 को हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में समस्तीपुर जिले से आए 31 किसान प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए आधुनिक कृषि जल प्रबंधन तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।
संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों में टिकाऊ कृषि के लिए वैज्ञानिक जल प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों से प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने तथा अन्य किसानों तक भी पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि उत्पादन, जल उपयोग दक्षता तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
डॉ. आशुतोष उपाध्याय, विभागाध्यक्ष, भूमि एवं जल प्रबंधन ने प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एकीकृत भूमि-जल प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई, सेंसर आधारित तकनीक, प्राकृतिक खेती एवं मौसम आधारित निर्णय प्रणाली किसानों को संसाधनों के कुशल उपयोग के लिए सक्षम बनाती है। उन्होंने प्रतिभागियों को वैज्ञानिक सोच के साथ कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती, एकीकृत कृषि प्रणाली, उन्नत भूमि एवं जल प्रबंधन तकनीकें, कृषि में आईओटी एवं एआई/एमएल का उपयोग, फसल विविधीकरण तथा मौसम आधारित कृषि जल प्रबंधन पर व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने अनुसंधान प्रक्षेत्रों और मृदा प्रयोगशालाओं का भ्रमण कर तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्राप्त किया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉ. पवन जीत, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. आशुतोष उपाध्याय, डॉ. पी. के. सुंदरम, डॉ. राकेश कुमार एवं डॉ. कीर्ति सौरभ के सहयोग से तथा डॉ. सुमीत सौरभ (परियोजना निदेशक, आत्मा, समस्तीपुर) के प्रायोजन में संचालित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. मणिभूषण, डॉ. अजय कुमार, डॉ. विकास कुमार एवं डॉ. शिवानी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जनता दरबार में जिलाधिकारी, परिवादों के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान के दिए निर्देश
बिहार सरकार के सात निश्चय-3.0 के अंतर्गत “सबका सम्मान-जीवन आसान” कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में भूमि विवाद से जुड़े अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इस क्रम में जिलाधिकारी द्वारा बारी-बारी से फरियादियों की समस्याएं सुनी गई तथा कई मामालों में जिलाधिकारी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य पंचायत एवं जिला स्तर पर आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना रहा।
जनता दरबार में साधना झा ने दूसरे पक्ष द्वारा जबरन भूमि कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। राजा बैठा ने अपनी भूमि को रोक सूची से हटाने का अनुरोध किया। वहीं राजेंद्र प्रसाद एवं इकलाख अहमद ने भूमाफियाओं द्वारा निजी भूमि पर गलत जमाबंदी कायम किए जाने की शिकायत की।
मनोज कुमार ने बीरनगर पश्चिम पंचायत में अनुज्ञप्ति रद्द जन वितरण प्रणाली दुकानदार द्वारा मिलीभगत कर दुकान संचालन के संबंध में शिकायत दर्ज कराया गया।
इसके अतिरिक्त मो0 पिंकी देवी ने अनुकंपा के आधार पर नियोजन की मांग की।
दीपक कुमार, प्रवीण कुमार, अंकित कुमार सहित अन्य ने संयुक्त आवेदन देकर निर्वाचन में किए गए कार्य की दैनिक मजदूरी भुगतान की मांग रखी। इसी प्रकार जनता दरबार में प्रा0वि0 रामकृपाल महतो टोला भरगामा तथा उ0म0 विद्यालय बटुरबाड़ी अररिया का भूमि अतिक्रमण करने, लंबित वेतन भुगतान, भू-अर्जन से संबंधित मुआवजा भुगतान सहित अन्य मामलों पर भी सुनवाई की गई।
मौके पर अपर समाहर्ता श्री अनिल कुमार झा, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन श्री नवनील कुमार, उप विकास आयुक्त श्रीमती रोजी कुमारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता अररिया एवं फारबिसगंज, सहायक निदेशक दिव्यांगजन कोषांग, अंचलाधिकारी अररिया सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, उपस्थित आवेदकों से किया संवाद
जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन द्वारा जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी), अररिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना तथा कुशल युवा कार्यक्रम के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
जिला पदाधिकारी ने डीआरसीसी में उपस्थित आवेदकों से सीधे संवाद कर आवेदन करने में उन्हें किसी प्रकार की समस्या या अन्य कठिनाइयों का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है, इसकी जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने आवेदकों से योजना से संबंधित मार्गदर्शन, दस्तावेज़ सत्यापन, ऑनलाइन आवेदन तथा स्वीकृति प्रक्रिया की स्थिति के बारे में भी फीडबैक लिया।
निरीक्षण के क्रम में डीएम ने डीआरसीसी प्रबंधक को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र युवाओं तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं सरल प्रक्रिया के माध्यम से पहुँचाया जाए। साथ ही, उन्होंने कर्मियों को आवेदकों के प्रति सहयोगी एवं संवेदनशील व्यवहार अपनाने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी ने केंद्र में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, काउंटर व्यवस्था, प्रतीक्षालय, सूचना पट्ट एवं कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया। मौके पर डीआरसीसी प्रबंधक सहित जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
समेकित खेती एवं फसल विविधीकरण ने पश्चिम चंपारण के किसानों को दिखाई नई राह : दो दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन
पश्चिम चंपारण के किसानों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना तथा कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के संयुक्त तत्वाधान मे आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि खेती को लेकर सोच बदलने का अनुभव बनकर सामने आया।
दिनांक 28 से 29 जनवरी 2026 तक चले इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले जिले के 200 से अधिक किसानों ने महसूस किया कि सीमित भूमि और संसाधनों के बावजूद खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में शामिल किसानों ने जाना कि अब खेती केवल धान या गेहूं तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन और जैविक खाद निर्माण जैसे कार्यों को जोड़कर वर्ष भर नियमित आय प्राप्त की जा सकती है।
विशेषज्ञों द्वारा दी गई व्यावहारिक जानकारी ने किसानों को यह विश्वास दिलाया कि बदलते मौसम और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच भी खेती सुरक्षित बन सकती है।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री आर. के. तिवारी, प्रबंधक, मगध शुगर मिल, बेतिया ने किसानों के अनुभवों को सुनते हुए कहा कि जब किसान वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाते हैं, तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि कृषि और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल से किसानों को बाजार से जोड़ना आसान होगा और उनकी उपज को सही मूल्य मिलेगा।
कार्यशाला के आयोजन सचिव फसल अनुसंधान प्रभाग के प्रभागाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने किसानों को यह संदेश दिया कि खेती में विविधता ही स्थायित्व की कुंजी है। उन्होंने बताया की समेकित कृषि प्रणाली किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है जबकि फसल विविधीकरण को अपनाकर जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न जोखिमों का प्रभाव भी कम किया जा सकता है।
कार्यशाला की संयोजक प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिवानी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते जलवायु के परिद्रश्य मे सिर्फ धान और गेंहु की खेती तक सीमित रहना किसानों के लिए जोखिमप्रद हैं, अतः दलहन, तिलहन, सब्जी एवं चारा फसलों के माध्यम से खेती मे विविधता लाकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
कार्यशाला के दौरान किसानों को पावर स्प्रेयर, नैपसैक स्प्रेयर, वर्मी बेड और कुदाल जैसे कृषि आदान भी प्रदान किए गए, जिससे फसल सुरक्षा, रोग-कीट प्रबंधन एवं जैविक खाद उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति डॉ. पी. एस. पाण्डेय का सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आईसीएआर–आरसीईआर, पटना के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. गौस अली एवं डॉ. शिवानी सहित कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के विषय-वस्तु विशेषज्ञ डॉ. जगपाल, डॉ. हर्षा बी. आर., डॉ. सौरभ दुबे एवं केंद्र के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों की सफलता ही ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला से प्रेरित किसान आने वाले समय में अपने गांवों में दूसरों के लिए उदाहरण बनेंगे।
अंत मे धन्यवाद ज्ञापन कार्यशाला की संयोजक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिवानी ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों, किसानों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा ई0वी0एम0-वी0वी0पैट वेयर हाउस का किया गया मासिक वाह्य निरीक्षण
श्री विनोद दूहन, भा.प्र.से. जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी अररिया एवं श्री जितेन्द्र कुमार, भा.पू.से. पुलिस अधीक्षक, अररिया द्वारा संयुक्त रूप से बुधवार को इंडोर स्टेडियम परिसर स्थित जिला के ई0वी0एम0-वी0वी0पैट वेयर हाउस का मासिक वाह्य निरीक्षण किया गया।
निर्वाचन विभाग के दिशा निर्देश के आलोक में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में प्रत्येक माह में एक बार वाह्य एवं प्रत्येक तीसरे माह में एक बार आंतरिक निरीक्षण किया जाता है, जिसमें वेयरहाउस के सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन व्यवस्था आदि की जांच की जाती है।
इस क्रम में जिलाधिकारी द्वारा संबंधित पदाधिकारी को कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी डॉ राम बाबू कुमार, जिला अग्निशमन अधिकारी, कार्यपालक अभियंता विद्युत एवं भवन प्रमंडल सहित राजनैतिक पार्टी के प्रतिनिधिगण आदि मौजूद थे।
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डुमरिया पंचायत में “सबका सम्मान-जीवन आसान” कार्यक्रम का आयोजन, जिलाधिकारी ने सुनीं आमजन की समस्याएं
बिहार सरकार के सात निश्चय 3.0 के तहत सात निश्चय “सबका सम्मान जीवन आसान” कार्यक्रम के अंतर्गत डुमरिया पंचायत के उ0म0वि0 कबीर कुट्टी टोला, सुन्दरी, डुमरिया में जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन की अध्यक्षता में प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में माननीय विधायक सिकटी श्री विजय कुमार मंडल भी शामिल हुए। उन्होंने जिला प्रशासन के इस पहल को सराहनीय बताया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आमजनों की समस्याओं को सीधे सुनकर त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी ने बारी-बारी से उपस्थित आमजनों की शिकायतें एवं मांगें सुनीं और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस क्रम में डुमरिया पंचायत के वार्ड नं0 08 में नाला एवं सड़क निर्माण को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष शिकायत रखी गई। जिसके आलोक में जिलाधिकारी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एंव कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं उर्मिला देवी द्वारा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, संगीता देवी द्वारा मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना एवं मो0 समीर द्वारा इदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजना हेतु नया आवेदन दिया गया।
इसी प्रकार परिवादी श्री ताराचन्द साह द्वारा परिमार्जन, श्री प्रेम लाल पासवान म्यूटेशन एवं श्री राजकुमार साह द्वारा जमाबंदी सुधार हेतु आवेदन दिया गया। इसके अलावा प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम में भूमि, राशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शौचालय निर्माण आदि से संबंधित कई शिकायतें सुनी गई।
इस दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच कर नियमानुसार शिकायतों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में सकारात्मक उत्साह देखा गया और लोगों ने जिला पदाधिकारी की इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी सहित डुमरिया पंचायत के माननीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
अररिया में संपूर्णता अभियान 2.0 का भव्य शुभारंभ, जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना
नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिलों एवं ब्लॉकों में समग्र विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ अररिया जिले में भव्य रूप से किया गया। अभियान का उद्घाटन माननीय सांसद अररिया श्री प्रदीप कुमार सिंह द्वारा जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन, माननीय विधायक श्री आबिदुर रहमान, श्री मोहम्मद मुर्शीद आलम, श्री अविनाश मंगलम, देवयंती देवी, श्री मनोज कुमार विश्वास, माननीय जिला परिषद अध्यक्ष श्री आफताब अजीम पप्पू सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया।
इस अवसर पर संपूर्णता अभियान के तहत निकाले गए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। नीति आयोग द्वारा संचालित यह अभियान 28 जनवरी 2026 से 14 अप्रैल 2026 तक चलेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय सांसद श्री प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत आकांक्षी जिला अररिया के लिए निर्धारित पांच लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी लक्ष्यों की सतत निगरानी कर अभियान को सफल बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल जिले के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिला पदाधिकारी श्री विनोद दूहन ने अपने संबोधन में कहा कि संपूर्णता अभियान के सभी संकेतकों में शत-प्रतिशत सैचुरेशन प्राप्त करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत अररिया जिले के लिए पांच प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। अभियान के अंतर्गत पहला लक्ष्य अररिया जिले में जन्म लेने वाले सभी नवजात शिशुओं का जन्म के समय वजन सुनिश्चित करना है। दूसरा लक्ष्य जिले के सभी क्षय रोग मरीजों की पहचान करना है। तीसरे लक्ष्य के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर VHSN DAY/UHSN DAY का आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा। चौथा लक्ष्य अररिया जिले के सभी Co-Ed स्कूलों में छात्राओं के लिए क्रियाशील शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराना है। पांचवां और महत्वपूर्ण लक्ष्य जिले के सभी पशुधन का टीकाकरण सुनिश्चित करना है।
प्रेस विज्ञप्ति
अररिया, 27 जनवरी 2026
माननीय सांसद, अररिया, श्री प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक समाहरणालय अररिया स्थित परमान सभागार में आयोजित की गई। बैठक के आरंभ में जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन द्वारा माननीय सांसद महोदय को पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया गया। बैठक में माननीय विधायक श्री आबिदुर रहमान, मोहम्मद मुर्शीद आलम, श्री अविनाश मंगलम, देवयंती देवी, श्री मनोज कुमार विश्वास, माननीय जिला परिषद अध्यक्ष श्री आफताब अजीम पप्पू एवं अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
सर्वप्रथम पूर्व के दिशा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की विभागवार गहन समीक्षा की गई। इस क्रम में माननीय सांसद महोदय ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि जिले में संचालित सभी विकास योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने पर भी बल दिया।
माननीय सांसद महोदय ने सभी पुल-पुलियों एवं सरकारी भवनों पर नेम प्लेट लगवाने सहित नव निर्मित सड़कों के दोनों किनारों पर पौधारोपण एवं मिट्टी भराई के कार्य को प्राथमिकता से करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक तीन माह में दिशा की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित करने की बात कही। बैठक में जिला अंतर्गत अवैध नर्सिंग होम की जांच हेतु एक कमिटी गठित करने तथा जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए। कम राशन वितरण करने वाले पीडीएस दुकानदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी गई।
बैठक में पीपीटी के माध्यम से ग्रामीण कार्य विभाग, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, खनन, आपूर्ति, पथ निर्माण, एलएसबीए, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), एलईएओ, पीईएचईडी, भवन, आईसीडीएस, मत्स्य, पषुपालन, आपदा, कल्याण विभाग, पंचायत राज, विद्युत, नगर परिषद, नगर पंचायत सहित अन्य विभागों की योजनाओं एवं प्रगति की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
समीक्षा के क्रम में उपस्थित माननीय सदस्यों ने सड़क निर्माण सहित अन्य विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता आपदा प्रंबंधन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सिविल सर्जन सहित सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी, सभी कार्यपालक अभियंता एवं तकनीकि पदाधिकारी उपस्थित थे।
अररिया जिला मुख्यालय स्थित नेताजी सुभाष स्टेडियम में 77वां गणतंत्र दिवस समारोह भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि माननीय मंत्री, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार सरकार सह प्रभारी मंत्री अररिया जिला श्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली।
इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष श्री आफताब अजीम पप्पू, जोकीहाट विधायक श्री मोहम्मद मुर्शीद आलम, जिला पदाधिकारी श्री विनोद दूहन, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत माननीय मंत्री द्वारा सलामी गारद के निरीक्षण से हुई।
इसके पश्चात अपने संबोधन में उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं अमर शहीदों को नमन करते हुए जिलेवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं। मंत्री महोदय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान अररिया जिले में 304.65 करोड़ रुपये की लागत से 404 योजनाओं का उद्घाटन तथा 45 योजनाओं का शिलान्यास किया गया।
इनमें सुन्दरनाथ धाम का पर्यटन विकास, फारबिसगंज में रेलवे आरओबी का निर्माण, सैफगंज–सुकैला मोड़ तथा अररिया–कुर्साकांटा–कुआड़ी–सिकटी पथ का चौड़ीकरण और 620 सीट क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण प्रमुख है। इसके अतिरिक्त जिले में 244 पुल एवं पुलियाओं की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 167 का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष पर कार्य प्रगति पर है।
मंत्री महोदय ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे जिले के लगभग 4.30 लाख उपभोक्ताओं को लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना-2 के तहत 7,200 किसानों को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। वहीं आरडीएसएस योजना के अंतर्गत 7 नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में जिले में लगभग 65 हजार महिलाओं का संस्थागत प्रसव कराया गया है। सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क डिजिटल एक्स-रे सुविधा तथा सदर अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
शिक्षा के क्षेत्र में कक्षा 1 से 8 तक लगभग 3.57 लाख पाठ्यपुस्तक सेट तथा कक्षा 1 से 12 तक 4.72 लाख स्टूडेंट किट वितरित की गई हैं। दिव्यांग बच्चों को ट्राइसाइकिल, व्हील चेयर, श्रवण यंत्र, ब्रेल किट एवं स्मार्ट केन प्रदान किए गए हैं।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत 13,803 छात्र-छात्राओं को शिक्षा ऋण, 10,258 युवाओं को स्वयं सहायता भत्ता तथा 66,437 युवाओं को कुशल युवा कार्यक्रम में पंजीकृत किया गया है। अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 560 बेड वाले आवासीय विद्यालय के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
मंत्री महोदय ने बताया कि जिले में 3.48 लाख पेंशनधारियों को नियमित पेंशन दी जा रही है। ‘स्वच्छ गाँव, समृद्ध गाँव’ अभियान के तहत 182 पंचायतों में अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जिले के 2.78 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि नल-जल योजना के अंतर्गत 5.65 लाख घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
समारोह के दौरान परेड एवं झांकी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्लाटून एवं विभागों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किए गए।
प्रेस विज्ञप्ति
अररिया, 26 जनवरी 2026
गणतंत्र दिवस पर पत्रकार एकादश 16 रन से विजय
गणतंत्र दिवस के अवसर पर पत्रकार एकादश बनाम प्रशासन एकादश के बीच नेताजी सुभाष स्टेडियम एरिया में फैंसी क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। मुकाबला रोमांचक रहा, जिसमें पत्रकार एकादश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 रन से जीत दर्ज की।
टॉस जीतकर पत्रकार एकादश ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। निर्धारित 10 ओवरों में पत्रकार एकादश की टीम ने 122 रन का मजबूत लक्ष्य प्रशासन एकादश के सामने रखा। लक्ष्य का पीछा करते हुए प्रशासन एकादश की टीम 10 ओवरों में 7 विकेट पर 107 रन ही बना सकी।
पत्रकार एकादश की ओर से श्री विक्की कुमार ने शानदार 79 रनों की पारी खेली, जिसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। गेंदबाजी में श्री रिशु कुमार ने 3 विकेट तथा श्री अमित कुमार अमन ने 1 विकेट झटके। प्रशासन एकादश की ओर से रोहित कुमार ने 32 रन, श्री चंद्रशेखर यादव ने 23 रनों का योगदान दिया।
इस अवसर पर एसडीपीओ श्री सुशील कुमार, एसडीसी सह डीपीआरओ श्री चंद्रशेखर यादव, एसडीसी श्री अभिजीत कुमार, ट्रैफिक डीएसपी श्री फकरे आलम, डीएसीओ श्री सान्याल कुमार पत्रकारों के ओर से श्री आमोद शर्मा, श्री फुलेंद्र मल्लिक, श्री राकेश भगत, श्री राहुल सिंह, श्री पंकज झा, श्री अनिल त्रिपाठी, श्री शाहिद जी, श्री तपेश कुमार, श्री रंजित कुमार, श्री मनीष कुमार आदि उपस्थित थे।
कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 77वाँ गणतंत्र दिवस
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में 77वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रगान गाया गया।
अपने संबोधन में डॉ. अनुप दास ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए संवैधानिक मूल्यों एवं लोकतांत्रिक आदर्शों के संरक्षण पर बल दिया। उन्होंने देश को अन्न प्रदान करने वाले किसानों तथा सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। साथ ही “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान” के राष्ट्रीय नारे की राष्ट्र निर्माण में प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए संस्थान के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को कृषि विकास और किसानों के कल्याण हेतु किए जा रहे उनके महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बधाई दी।
डॉ. दास ने कहा कि राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रत्येक व्यक्ति को केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि कर्मयोगी के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने अमृत काल में विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए सेवा भाव, सामूहिक उत्तरदायित्व, ईमानदारी एवं नवाचार के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान आईएआरआई पटना हब के विद्यार्थियों एवं छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने संस्थान परिसर को राष्ट्रीय गर्व एवं उत्साह से भर दिया।
संस्थान के कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, राँची; कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर एवं कृषि विज्ञान केंद्र, रामगढ़में भी समान उत्साह एवं देशभक्ति के साथ गणतंत्र दिवस मनाया गया।
अररिया जिले में अवैध बालू और मिट्टी के उत्खनन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। विभागीय निर्देश पर चलाए जा रहे S-Drive अभियान के तहत 25 जनवरी को छापेमारी की गई।
इस दौरान सिकटी और फारबिसगंज अंचल से अवैध बालू ढो रहे तीन वाहनों को जब्त किया गया। जब्त किए गए वाहनों को बरदाहा, कुआडी और बथनाहा थाना में सुरक्षार्थ रखा गया है। संबंधित वाहनों पर कुल 3 लाख 9 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
प्रशासन ने बताया कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 105 वाहन जब्त किए जा चुके हैं और 06 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
अररिया जिले में राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय परिसर स्थित पार्क में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री विनोद दूहन ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी के स्वागत से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। स्कूली छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान और स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित मतदाताओं को निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदारीपूर्ण मतदान की शपथ दिलाई। जिला आइकॉन कलाकारों द्वारा मतदाता जागरूकता गीत के माध्यम से मतदान के महत्व को बताया गया। साथ ही भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के संदेश का प्रसारण भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी है। हाल के चुनावों में महिला मतदाताओं की बढ़ी भागीदारी को उन्होंने लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों, बीएलओ, कर्मियों और स्कूली बच्चों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस मौके पर जिला स्तरीय पदाधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में मतदाता उपस्थित रहे।
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सरस्वती पूजा के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन को लेकर आदर्श थाना फारबिसगंज परिसर में गुरुवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन एवं पुलिस अधीक्षक अररिया श्री जितेन्द्र कुमार ने की। बैठक में माननीय जनप्रतिनिधि, समाजसेवी तथा पूजा समिति एवं आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं पूजा समिति के आयोजकों ने सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के साथ सम्पन्न कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान नगर परिषद फारबिसगंज क्षेत्र में जाम की समस्या, सड़कों पर अतिक्रमण, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, शराबबंदी के सख्त अनुपालन सहित अन्य जनसमस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने जानकारी दी कि प्रत्येक पूजा समिति द्वारा जुलूस के लिए विधिवत अनुज्ञप्ति प्राप्त की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूजा के दौरान डीजे का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्री विनोद दूहन ने कहा कि फारबिसगंज शहर में जाम, अतिक्रमण, स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों में जमीनी स्तर पर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि रूल ऑफ लॉ के तहत प्रशासन और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने सरस्वती पूजा को आपसी भाईचारे एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचने का भी आग्रह किया।
पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार ने कहा कि बसंत पंचमी का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि फारबिसगंज में ट्रैफिक समस्या के समाधान को लेकर प्रस्ताव तैयार किया गया है।
शराबबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि जिले में इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि या अफवाह की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या वरीय पदाधिकारियों को दें। साथ ही सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक सूचना को साझा न करने की अपील की।
बैठक को माननीय मुख्य पार्षद श्रीमती वीणा देवी, उप मुख्य पार्षद श्रीमती नूतन भारती, अनुमंडल पदाधिकारी फारबिसगंज एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी फारबिसगंज ने भी संबोधित किया।
इससे पूर्व श्री वाहिद अंसारी, श्री गालिब आजाद, श्री गणेश प्रसाद ठाकुर, श्री नूर मास्टर, श्री दिलशाद, श्री शंकर प्रसाद शाह, श्री मुजाहिद अंसारी, श्री प्रताप नारायण मंडल, श्री मनोज जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं पूजा समिति के सदस्यों ने अपने विचार रखे।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने का संकल्प लिया।
हड़िया पंचायत में “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम आयोजित, जिलाधिकारी ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं
अररिया, 22 जनवरी 2026।
बिहार सरकार के सात निश्चय–3.0 के तहत “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के अंतर्गत हड़िया पंचायत के सामुदायिक भवन में गुरुवार को प्रशासन आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन ने की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजनों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने एक-एक कर उपस्थित ग्रामीणों की शिकायतें और मांगें सुनीं तथा संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
कार्यक्रम में परिवादी सलमान ने भू-अर्जन से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। मरियम एवं फरजाना खातून ने राशन कार्ड में नाम जोड़ने का अनुरोध किया। नगमा खातून एवं बीबी नरगिश ने बांस भूमि उपलब्ध कराने की मांग रखी, जबकि शौकत ने गलत तरीके से किए गए भूमि म्यूटेशन को रद्द करने का अनुरोध किया।
इसके अलावा बिजली आपूर्ति, आंगनबाड़ी केंद्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, नल-जल योजना, शौचालय निर्माण, आवास सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी कई शिकायतें भी सामने आईं।
जिला पदाधिकारी श्री विनोद दूहन ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच कर नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि जनसमस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो, ताकि आम लोगों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।
कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में उत्साह देखा गया और लोगों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की।
इस अवसर पर अपर समाहर्ता (जिला लोक शिकायत निवारण) अररिया, अपर समाहर्ता अररिया, अनुमंडल पदाधिकारी अररिया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अररिया, भूमि सुधार उप समाहर्ता अररिया, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सहायक निदेशक दिव्यांगजन कोषांग सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी तथा हड़िया पंचायत के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में टिकाऊ कृषि व पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
पटना, 22 जनवरी।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में गुरुवार को “पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ कृषि एवं जलवायु परिवर्तन” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान अकादमी, नई दिल्ली तथा अटारी, पटना के सहयोग से किया गया है।
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. इंद्रजीत सिंह, कुलपति, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना ने किया। इस अवसर पर डॉ. अंजनी कुमार, निदेशक, अटारी, पटना एवं डॉ. बिकास दास, निदेशक, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अभय कुमार, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा स्वागत भाषण से हुई।
अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि रसायनों एवं एंटीबायोटिक्स के अत्यधिक उपयोग और पर्यावरण की उपेक्षा से पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है, जिसका सीधा असर कृषि और मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने प्राकृतिक खेती, समेकित कृषि प्रणाली तथा पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
सम्मेलन के अध्यक्ष एवं आईसीएआर पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने बताया कि टिकाऊ कृषि के लिए जलवायु-सहिष्णु फसल किस्मों, प्राकृतिक खेती, स्मार्ट जल प्रबंधन एवं संरक्षण कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्य वक्ता डॉ. अरुण कुमार, महावीर कैंसर संस्थान, पटना ने बिहार में भारी धातु प्रदूषण और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर चिंता जताई। वहीं डॉ. अंजनी कुमार ने बदलती जलवायु में किसानों के सामने आ रही चुनौतियों पर प्रकाश डाला। डॉ. बिकास दास ने मृदा जैविक कार्बन में हो रही कमी को कृषि के लिए गंभीर चुनौती बताया।
इस अवसर पर किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को लेकर विशेष तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन एवं प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े तकनीकी सत्रों में देशभर से आए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान अकादमी के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया तथा नवोन्मेषी किसानों को भी पुरस्कृत किया गया। साथ ही सम्मेलन की स्मारिका एवं सार पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा टम्टा ने किया, जबकि समन्वय डॉ. रचना दुबे एवं डॉ. सौरभ कुमार द्वारा किया गया।
