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प्रेस विज्ञप्ति
अररिया, 31 जनवरी 2026
जिलाधिकारी द्वारा इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु दिए गए निर्देश
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त आयोजन को लेकर जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन एवं पुलिस अधीक्षक अररिया श्री जितेन्द्र कुमार की संयुक्त में अध्यक्षता डीआरसीसी भवन अररिया में सभी केंद्राधीक्षक, स्टैटिक दंडाधिकारी, गश्तीदल दंडाधिकारी, उड़नदस्ता दल, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं परीक्षा से सम्बद्ध सभी पदाधिकारियों के साथ ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी मार्गदर्षिका अनुरूप परीक्षा कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराना सुनिष्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट परीक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जायेगी। परीक्षा संचालन से जुड़े प्रत्येक पदाधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण जवाबदेही और सतर्कता के साथ करें। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी, प्रवेश द्वार पर कड़ी जांच तथा केंद्र के अंदर सतत पर्यवेक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्टेटिक दंडाधिकारी को निर्देश दिया गया कि परीक्षा केन्द्र पर केवल परीक्षार्थियों को ही परीक्षा केन्द्र के मुख्य द्वार पर उनके प्रवेश पत्र एवं एक फोटोयुक्त पहचान पत्र को दखेकर अन्दर जाने अनुमति देंगे। परीक्षा केन्द्र में प्रवेश कराने से पूर्व सभी परीक्षार्थियों का संघन फ्रिस्किंग सुनिश्चित की जायेगी। महिला परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग हेतु महिला वीक्षक की प्रतिनियिुक्त करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में बताया गया इंटरमीडिएट परीक्षा अररिया जिला के कुल 44 परीक्षा केंद्रों पर दिनांक 02 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 13 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित होगी। जिसमें अररिया अनुमंडल में 23 एवं फारबिसगंज अनुमंडल में 21 परीक्षा केंद्र शामिल हैं। प्रथम पाली की परीक्षा 9ः30 पूर्वाह्न से 12ः45 अपराह्न तक तथा द्वितीय पाली की परीक्षा 2ः00 अपराह्न से 5ः15 अपराह्न तक निर्धारित है। परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। विलंब से आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा। साथ ही परीक्षा केंद्र में जूता-मोजा पहनकर प्रवेश वर्जित किया गया है। परीक्षा केंद्रों के आसपास बी0एन0एस0एस0 की धारा 163 लागू रहेगी।
इंटरमीडिएट परीक्षा अवधि के दौरान उद्योग भवन अररिया में दूरभाष संख्या 06453-222309 पर जिला नियंत्रण कक्ष कार्यरत रहेगा। इसके प्रभार में अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अररिया रहेंगे। वहीं परीक्षा के वरीय प्रभार में अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, अररिया श्री नवनील कुमार रहेंगे। बैठक में संबंधित पदाधिकारी गण उपपस्थित थे।
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02 से 06 फरवरी 2026 तक फार्मर रजिस्ट्री को लेकर चलेगा विशेष महाअभियान
जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागर में शुक्रवार को आगामी 02 फरवरी से 06 फरवरी 2026 तक फार्मर रजिस्ट्री के विशेष महाअभियान की सफलता को लेकर संबंधित पदाधिकारी के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। साथ ही बैठक में अररिया जिला में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा शेष किसानों का पंजीकरण शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि अररिया जिले के सभी किसान बंधुओं के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में सरकार द्वारा संचालित सभी कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ प्राप्त हो सके। जिले में अबतक कुल 1,08,731 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री किया जा चुका है।
अररिया जिले के सभी किसानों का फार्मर रजिस्ट्री सुगमता से हो सके। इस हेतु दिनांक 02.02.2026 से 06.02.2026 तक महाअभियान चलाया जायेगा। इस महाअभियान में प्रत्येक प्रखण्ड में फार्मर रजिस्ट्री हेतु 85 दल गठित की गई है, जो जिले के प्रत्येक वार्ड में जायेगी। इस प्रकार जिले में प्रत्येक दिन 765 वार्ड में फार्मर रजिस्ट्री का कार्य सम्पन्न करते हुए दिनांक 06.02.2026 तक योग्य किसानों का शत प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री कार्य किया जा सकेगा। इसकी पूर्व सूचना संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा संबंधित वार्ड के किसानों को दी जा रही है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को पूर्व सूचना देकर उन्हंे वार्ड में निर्धारित तिथि को उपस्थित रहने के लिए प्रेरित करें। साथ ही उन्होंने कहा कि जमीन से संबंधित दस्तावेजों में त्रुटि के कारण यदि किसी किसान की फार्मर रजिस्ट्री में कठिनाई आ रही हो, तो उसके त्वरित सुधार के लिए परिमार्जन हेतु ऑनलाइन आवेदन कराया जाए। ऐसे आवेदनों का निराकरण संबंधित अंचलाधिकारी द्वारा 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाए, तदोपरांत किसान द्वारा फार्मर रजिस्ट्री कराया जा सकें।
सभी किसान बन्धुओं से आग्रह है कि जिस दिन आपके वार्ड में फार्मर रजिस्ट्री की दल पहुँचे, अपने वार्ड में उपस्थित रहें और अपना-अपना फार्मर रजिस्ट्री करा लें।
प्रेस विज्ञप्ति
अररिया, 31 जनवरी 2026
जिलाधिकारी ने विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित करने दिए गए निर्देश
जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन एवं पुलिस अधीक्षक अररिया श्री जितेन्द्र कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में डीआरसीसी अररिया से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से विधि-व्यवस्था से संबंधित मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के भू-समाधान पोर्टल पर लंबित मामलों, लोक-भूअतिक्रमण, उत्पाद विभाग के कार्यों, थाना एवं ओपी में सीसीटीवी कैमरों के अधिष्ठापन, नीलाम पत्र से संबंधित मामलों, शस्त्र सत्यापन सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी अंचलाधिकारी को प्रत्येक माह में कम से कम 05 लोक-भूअतिक्रमण के मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा कार्यों में पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन से जुड़े मामलों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, फारबिसगंज सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष, नगर निकायों के पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के प्रखंडस्तरीय पदाधिकारी अपने-अपने अनुमंडल एवं प्रखंड मुख्यालय से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में भौतिक रूप से अपर समाहर्ता अररिया श्री अनिल कुमार झा, प्रभारी पदाधिकारी शस्त्र प्रशाखा, जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, उत्पाद अधीक्षक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
समेकित खेती एवं फसल विविधीकरण ने पश्चिम चंपारण के किसानों को दिखाई नई राह : दो दिवसीय कार्यशाला का सफल समापन
पश्चिम चंपारण के किसानों के लिए कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना तथा कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के संयुक्त तत्वाधान मे आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि खेती को लेकर सोच बदलने का अनुभव बनकर सामने आया।
दिनांक 28 से 29 जनवरी 2026 तक चले इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले जिले के 200 से अधिक किसानों ने महसूस किया कि सीमित भूमि और संसाधनों के बावजूद खेती को लाभकारी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में शामिल किसानों ने जाना कि अब खेती केवल धान या गेहूं तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन और जैविक खाद निर्माण जैसे कार्यों को जोड़कर वर्ष भर नियमित आय प्राप्त की जा सकती है।
विशेषज्ञों द्वारा दी गई व्यावहारिक जानकारी ने किसानों को यह विश्वास दिलाया कि बदलते मौसम और बाजार की अनिश्चितताओं के बीच भी खेती सुरक्षित बन सकती है।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री आर. के. तिवारी, प्रबंधक, मगध शुगर मिल, बेतिया ने किसानों के अनुभवों को सुनते हुए कहा कि जब किसान वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाते हैं, तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि कृषि और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल से किसानों को बाजार से जोड़ना आसान होगा और उनकी उपज को सही मूल्य मिलेगा।
कार्यशाला के आयोजन सचिव फसल अनुसंधान प्रभाग के प्रभागाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने किसानों को यह संदेश दिया कि खेती में विविधता ही स्थायित्व की कुंजी है। उन्होंने बताया की समेकित कृषि प्रणाली किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है जबकि फसल विविधीकरण को अपनाकर जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न जोखिमों का प्रभाव भी कम किया जा सकता है।
कार्यशाला की संयोजक प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिवानी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते जलवायु के परिद्रश्य मे सिर्फ धान और गेंहु की खेती तक सीमित रहना किसानों के लिए जोखिमप्रद हैं, अतः दलहन, तिलहन, सब्जी एवं चारा फसलों के माध्यम से खेती मे विविधता लाकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है।
कार्यशाला के दौरान किसानों को पावर स्प्रेयर, नैपसैक स्प्रेयर, वर्मी बेड और कुदाल जैसे कृषि आदान भी प्रदान किए गए, जिससे फसल सुरक्षा, रोग-कीट प्रबंधन एवं जैविक खाद उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति डॉ. पी. एस. पाण्डेय का सहयोग प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आईसीएआर–आरसीईआर, पटना के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. गौस अली एवं डॉ. शिवानी सहित कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के विषय-वस्तु विशेषज्ञ डॉ. जगपाल, डॉ. हर्षा बी. आर., डॉ. सौरभ दुबे एवं केंद्र के कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने कहा कि किसानों की सफलता ही ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कार्यशाला से प्रेरित किसान आने वाले समय में अपने गांवों में दूसरों के लिए उदाहरण बनेंगे।
अंत मे धन्यवाद ज्ञापन कार्यशाला की संयोजक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिवानी ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों, किसानों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, उपस्थित आवेदकों से किया संवाद
जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन द्वारा जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी), अररिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना तथा कुशल युवा कार्यक्रम के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
जिला पदाधिकारी ने डीआरसीसी में उपस्थित आवेदकों से सीधे संवाद कर आवेदन करने में उन्हें किसी प्रकार की समस्या या अन्य कठिनाइयों का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है, इसकी जानकारी प्राप्त की गई। उन्होंने आवेदकों से योजना से संबंधित मार्गदर्शन, दस्तावेज़ सत्यापन, ऑनलाइन आवेदन तथा स्वीकृति प्रक्रिया की स्थिति के बारे में भी फीडबैक लिया।
निरीक्षण के क्रम में डीएम ने डीआरसीसी प्रबंधक को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र युवाओं तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं सरल प्रक्रिया के माध्यम से पहुँचाया जाए। साथ ही, उन्होंने कर्मियों को आवेदकों के प्रति सहयोगी एवं संवेदनशील व्यवहार अपनाने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी ने केंद्र में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, काउंटर व्यवस्था, प्रतीक्षालय, सूचना पट्ट एवं कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया। मौके पर डीआरसीसी प्रबंधक सहित जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
अररिया जिले में राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय परिसर स्थित पार्क में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री विनोद दूहन ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत जिलाधिकारी के स्वागत से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। स्कूली छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान और स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित मतदाताओं को निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदारीपूर्ण मतदान की शपथ दिलाई। जिला आइकॉन कलाकारों द्वारा मतदाता जागरूकता गीत के माध्यम से मतदान के महत्व को बताया गया। साथ ही भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के संदेश का प्रसारण भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र की मजबूती मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी है। हाल के चुनावों में महिला मतदाताओं की बढ़ी भागीदारी को उन्होंने लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारियों, बीएलओ, कर्मियों और स्कूली बच्चों को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। इस मौके पर जिला स्तरीय पदाधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में मतदाता उपस्थित रहे।
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कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में टिकाऊ कृषि व पर्यावरण संरक्षण पर राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
पटना, 22 जनवरी।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में गुरुवार को “पर्यावरण संरक्षण, टिकाऊ कृषि एवं जलवायु परिवर्तन” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान अकादमी, नई दिल्ली तथा अटारी, पटना के सहयोग से किया गया है।
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. इंद्रजीत सिंह, कुलपति, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना ने किया। इस अवसर पर डॉ. अंजनी कुमार, निदेशक, अटारी, पटना एवं डॉ. बिकास दास, निदेशक, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अभय कुमार, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा स्वागत भाषण से हुई।
अपने उद्घाटन संबोधन में डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि रसायनों एवं एंटीबायोटिक्स के अत्यधिक उपयोग और पर्यावरण की उपेक्षा से पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है, जिसका सीधा असर कृषि और मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने प्राकृतिक खेती, समेकित कृषि प्रणाली तथा पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया।
सम्मेलन के अध्यक्ष एवं आईसीएआर पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने बताया कि टिकाऊ कृषि के लिए जलवायु-सहिष्णु फसल किस्मों, प्राकृतिक खेती, स्मार्ट जल प्रबंधन एवं संरक्षण कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्य वक्ता डॉ. अरुण कुमार, महावीर कैंसर संस्थान, पटना ने बिहार में भारी धातु प्रदूषण और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर चिंता जताई। वहीं डॉ. अंजनी कुमार ने बदलती जलवायु में किसानों के सामने आ रही चुनौतियों पर प्रकाश डाला। डॉ. बिकास दास ने मृदा जैविक कार्बन में हो रही कमी को कृषि के लिए गंभीर चुनौती बताया।
इस अवसर पर किसानों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को लेकर विशेष तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन एवं प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े तकनीकी सत्रों में देशभर से आए वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान अकादमी के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया तथा नवोन्मेषी किसानों को भी पुरस्कृत किया गया। साथ ही सम्मेलन की स्मारिका एवं सार पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनीषा टम्टा ने किया, जबकि समन्वय डॉ. रचना दुबे एवं डॉ. सौरभ कुमार द्वारा किया गया।
अररिया, 07 जनवरी 2026
जिला पदाधिकारी अररिया श्री विनोद दूहन द्वारा पुलिस केंद्र, अररिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने पुलिस केंद्र अवस्थित प्रशासनिक भवन अंतर्गत रक्षित कार्यालय, सेवापुस्त कार्यालय आदि का जायजा लिया। इसके साथ ही पुलिस केन्द्र के ऑफिसर क्वार्टर, विभिन्न आवासीय कॉलोनियों, शस्त्रागार भवन, प्रशिक्षण भवन तथा पीटी ग्राउंड का भी निरीक्षण कर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिला पदाधिकारी ने पुलिस केंद्र परिसर की भवनों, मूलभूत सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं आदि की जानकारी ली। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिस कर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित एवं मानक के अनुरूप बनाए रखने का निर्देश दिया।
इसके उपरांत जिला पदाधिकारी द्वारा मद्य निषेध एवं उत्पाद अधीक्षक कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर में भंडारित वाहनों की स्थिति की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने उत्पाद अधीक्षक, अररिया को स्पष्ट निर्देश दिया कि नियमानुसार राजसात किए जाने योग्य वाहनों की प्रक्रिया अविलंब पूर्ण की जाए, ताकि परिसर में अनावश्यक भीड़ एवं अव्यवस्था न रहे।
निरीक्षण के अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी अररिया, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अररिया, जिला पंचायत राज पदाधिकारी अररिया तथा सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग अररिया सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
भरगामा प्रखंड कार्यालय का डीएम ने किया निरीक्षण
हरियाली मार्केट भूमि का डीएम ने किया निरीक्षण
अररिया:
पोक्सो एक्ट एवं बाल संरक्षण से जुड़े संवेदनशील मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को लेकर जिला बाल संरक्षण इकाई, अररिया के तत्वावधान में जिला उद्योग भवन सभागार में जिला स्तरीय विमर्श-सह-समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं संबंधित हितधारकों के बीच आपसी समन्वय को और मजबूत करना रहा।
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), सिविल सर्जन के प्रतिनिधि, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय परिषद, महिला एवं बाल विकास विभाग के पदाधिकारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी, आरएस थाना, अररिया सदर थाना, महिला सदर थानाध्यक्ष, पीएलवी गण सहित विभिन्न विभागों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना से आए यूनिसेफ के कानूनी विशेषज्ञ श्री अजय कुमार ने पोक्सो एक्ट से जुड़े कानूनी प्रावधानों, प्रक्रियाओं और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बाल यौन शोषण से संबंधित मामलों में समयबद्ध और संवेदनशील कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई ने कहा कि बाल संरक्षण एक अत्यंत संवेदनशील विषय है, जिसमें सभी संबंधित विभागों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पोक्सो एक्ट एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों के बेहतर निष्पादन के लिए जिले के सभी थानों एवं हितधारकों के साथ शीघ्र ही एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
प्रेस विज्ञप्ति / समाचार
अररिया, 3 जनवरी।
महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार तथा जिला प्रशासन, अररिया के संयुक्त तत्वावधान में संचालित 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान–2025 के तहत शनिवार को अररिया प्रखंड के मध्य विद्यालय बांसबाड़ी में जागरूकता, सखी वार्ता एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW) द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज से बाल विवाह एवं दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना रहा। इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को बाल विवाह और दहेज प्रथा के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई तथा उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा सामाजिक बुराइयों को मिटाने का सबसे सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा से संबंधित कानूनों एवं उपलब्ध सुरक्षा तंत्र की भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही सखी वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने अपनी समस्याएं, जिज्ञासाएं और अनुभव खुलकर साझा किए। सखी वार्ता के माध्यम से बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ गलत परंपराओं का विरोध करने और आवश्यकता पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।
छात्राओं को सहायता हेतु उपलब्ध सरकारी सेवाओं की जानकारी देते हुए महिला हेल्पलाइन 181, वन स्टॉप सेंटर तथा DHEW की सेवाओं के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सरकार महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों एवं सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से बाल विवाह मुक्त एवं हिंसा मुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली।
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विराट कोहली की वनडे क्रिकेट में एक बार फिर वापसी जोरदार रही। करीब 1 महीने बाद मैदान पर उतरे किंग कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले ही मैच में 102 गेंदों पर शतक जड़ दिया। यह उनके वनडे करियर की 52वीं सेंचुरी है। कोहली ने 11 चौकों और 7 छक्कों की मदद से 120 गेंदों पर 135 रन की पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से शिकस्त दी। जीत के हीरो विराट कोहली रहे। मैच के बाद प्रजेंटेशन के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान विराट ने अपनी रणनीति शेयर की।
प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीतने के बाद विराट कोहली ने कहा, "आज इस तरह के खेल में सच में मजा आया। शुरुआती 20-25 ओवरों में पिच काफी अच्छी थी, फिर धीरे-धीरे धीमी होने लगी। मुझे लगा कि बस मैदान पर जाकर अपनी तरफ आती गेंद को हिट करूं और बाकी चीजों के बारे में ज्यादा न सोचूं। खेल का आनंद लूं। इसी के लिए मैंने खेलना शुरू किया था।"
उन्होंने कहा, "जब आपको शुरुआत मिलती है और आप उस स्थिति में ढल जाते हैं, तो आपको पता चलता है कि आपने इतने सालों में क्या किया है और अनुभव काम आता है। फिर आप स्थिति को समझते हैं और एक पारी बनाने में सक्षम होते हैं।"
अपनी तैयारी को लेकर किंग कोहली ने कहा, "मैं ज्यादा तैयारी को सपोर्ट नहीं करता हूं। मेरा सारा क्रिकेट मानसिक रहा है। जब तक मुझे मानसिक रूप से लगता है कि मैं खेल सकता हूं, मैं अपने जीवन के हर दिन शारीरिक रूप से कड़ी मेहनत करता हूं। इसका अब क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं है। यह मेरे जीने का तरीका है। इसलिए, जब तक मेरी फिटनेस का स्तर अच्छा है और मेरा मानसिक आनंद है, जब आप खेल की कल्पना कर सकते हैं और खुद को जोर से दौड़ते हुए, गेंद पर तेजी से रिएक्ट करते हुए देख सकते हैं, तो आप जानते हैं कि सब ठीक है।"
रनों की भूख के लेकर विराट कोहली ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, मैंने पहले भी कई बार कहा है, अगर मैं कहीं पहुंच रहा हूं, तो मैं 120 % तक पहुंचूंगा। विराट कोहली जल्दी रांची पहुंच गए थे। इस पर उन्होंने कहा, मैं कंडीशन को थोड़ा समझना चाहता था। दिन में कुछ सेशन बल्लेबाजी की और फिर शाम को एक सेशन और फिर मेरी तैयारी पूरी हो गई। मैंने मैच से पहले एक दिन की छुट्टी ली थी। मैं 37 साल का हूं, इसलिए मुझे रिकवरी पर भी ध्यान देना है।"
विराट कोहली टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं। वह अब सिर्फ वनडे फॉर्मेट में ही खेलते नजर आते हैं। एक प्रारूप में खेलने को लेकर विराट ने कहा, "मैं सिर्फ एक फॉर्मेट में ही खेलता रहूंगा।"
अपने प्रदर्शन को लेकर विराट ने कहा, "मैंने पिछले 15-16 सालों में 300 से ज्यादा वनडे मैच और काफी क्रिकेट खेला है। जैसा कि मैंने कहा, अगर आप खेल के संपर्क में हैं और आपको पता है कि अभ्यास के दौरान जब आप गेंदें मार रहे होते हैं, तो आपकी सजगता अच्छी होती है, आपकी शारीरिक क्षमता लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की होती है। अगर आप बिना ब्रेक लिए नेट्स में डेढ़ या दो घंटे बल्लेबाजी कर सकते हैं, तो आप उन सभी मानकों को पूरा कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं समझता हूं कि अगर फॉर्म में गिरावट आती है, तो आप मैचों पर ध्यान देते हैं और उस फॉर्म को वापस पाने की कोशिश करते हैं। लेकिन जब तक आप गेंद को अच्छी तरह से हिट कर रहे हैं और अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, मुझे लगता है कि इस समय मेरे पास जो अनुभव है, उसके हिसाब से मेरे लिए जरूरी है कि मैं शारीरिक रूप से फिट रहूं, मानसिक रूप से तैयार रहूं और उन मैचों के लिए उत्साहित रहूं जो मैं खेल रहा हूं। बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा।"
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